कान्तापाल / नैनीताल – उत्तराखण्ड हमेशा से ही पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा है। पर्यटक यहां की खूबसुरत वादियों और शांत माहौल का आनन्द लेने के लिये देश विदेश से यहां खींचे चले आते है । लेकिन उत्तराखण्ड सरकार की पर्यटन नीतियो से उन्हे काफी निराशा होती है नैनीताल और मसूरी जैसे विश्व विख्यात पर्यटक स्थलों को छोड दिया जाये तो शायद ही कोई पर्यटक नौकुचियाताल झील के बारे मे जानता हो जो सरकार की अनदेखी के चलते अपना वजूद खोती जा रही हैं।
यूं तो उत्तराखण्ड सरकार पर्यटन प्रदेश बनाने के लाख दावे करती है लेकिन पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण नैाकुचियाताल जैसे कई पर्यटक स्थल सरकार की उपेक्षा की मार झेल रहे है इन झीलो का ठीक ढंग से विकास ना
होने के कारण यहा पर्यटक बहुत कम आते है जबकी यह झील सरोवर नगरी नैनीताल से महज कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर स्थित है लेकिन खस्ता हाल सडको और पर्यटकों के कोई खास सुविधाएं न होने के चलते नैनीताल घूमने आने वाले पर्यटक नैनीताल से ही वापस लौट जाते है ।
























