करनाल – हरियाणा गौ सेवा आयोग के चेयरमैन भानी राम मंगला ने कहा कि हरियाणा गौ सेवा आयोग गौ संरक्षण और गौ सवंर्धन के लिए कृत संकल्प है। आयोग ने प्रदेश की सभी गौशालाओं को स्वावलंबी बनाकर उनकी आय बढ़ाने तथा गौशालाओं में सुविधाओं के विस्तार के लिए अनेक कारगर कदम उठाने की योजना बनाई है। आयोग ने गौशालाओं को नस्ल सुधार के लिए ग्राम स्तर पर प्रस्ताव पास करके 10 एकड़ भूमि में ग्रामीण गौ सेवा समिति बनाने वाली ग्राम पंचायत को गौशाला स्थापित करने में 21 लाख रूपये की आर्थिक मदद देने का निर्णय लिया है, ताकि बेसहारा गौ वंश का संरक्षण हो सके।
वे शुक्रवार को स्थानीय गौशाला रोड़ स्थित गऊ चिकित्सालय एवं गऊ धाम में हरियाणा गौ सेवा आयोग द्वारा जिला की सभी गौशालाओं के लिए आयोजित वार्षिक अनुदान वितरण समारोह में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। इस मौके पर आयोग के सदस्य अमित बंसल, भाजपा के जिलाध्यक्ष जगमोहन आंनद तथा निसिंग स्थित श्री कृष्ण गोपाल गौशाला के संचालक श्री गोपाल स्वामी जी भी विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरूआत गऊमाता के चित्र पर पुष्प अर्पित व दीप प्रज्जवलन करके की गई।
चेयरमैन ने कहा कि हमारी संस्कृति में गाय को मां का दर्जा दिया गया है और गऊ मां की रक्षा के लिए वर्तमान सरकार निरंतर प्रयासरत है। इसी उद्देश्य से हरियाणा गौ सेवा आयोग का गठन किया गया है तथा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आयोग की सभी गतिविधियों को आगे बढ़ाने में अपना पूरा सहयोग दे रहे है और गौ संरक्षण एवं गौ संवर्धन अधिनियम 2015 लागू करना इस दिशा में बेहद सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा कि गौ सेवा एक सामाजिक कार्य है। सरकारी योजनाओं के माध्यम से सहयोग इस कार्य में सहयोग तो लिया जा सकता है लेकिन समाज की भागीदारी के बिना गौ सेवा का कार्य पूर्ण नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा कि गौशालाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए आयोग ने कईं प्रकार के कार्यक्रम चलाए है,जिनमें गुरूग्राम जिले की गौशाला में बायोगैस प्लांट के माध्यम से सीएनजी बनाने का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा तथा प्रदेश के सभी गौशालाओं में बायोगैस प्लांट लगाने, गाय के गोबर से पूजा व हवन सामग्री, गमले बनाने, त्यौहारों में प्रयोग होने वाले दीप, शमशान के लिए उपले व गौमूत्र से गौ अर्क बनाकर गौशालाओं की आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है और इस कार्य के लिए आवश्यक मशीनरी लगाने के लिए भी गौशालाओं को 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। साथ ही बिजली खपत बचाने के लिए सौर ऊर्जा प्लांट लगाने के लिए भी आयोग द्वारा गौशालाओं को अनुदान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि गौशालाओं की लम्बे समय से मांग रही है कि सभी गौशालाओं को गौ चरान की भूमि मिले। इसके लिए हरियाणा में 72 हजार एकड़ भूमि लीज रेट पर गौ चरान के लिए उपलब्ध करवाई जाए,इस ओर भी हरियाणा सरकार प्रयासरत है। ऐसा होने पर गौशालाएं चारा उगा कर गाय का पेट भरने में सक्षम होंगी। इस मौके पर सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग, भाजपा कार्यकर्ता नरेन्द्र पंडित, गऊ चिकित्सालय एवं गऊ धाम के प्रधान सतीश गुप्ता, विपिन शर्मा, मुरारी लाल शर्मा, राजेश अरोड़ा, राजेन्द्र गुप्ता, दीपक सैनी, प्रवीन गर्ग, संजीव मित्तल सहित जिले की सभी गौशालाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
बॉक्स:-प्रदेश की गौशालाओं को करीब 5 करोड़ 43 लाख रूपये व करनाल की गौशालाओं को 21 लाख रूपये का दिया अनुदान।
इस मौके पर आयोग के चेयरमैन भानी राम मंगला ने जिले की गौशालाओं को गौ सेवा के कार्य के लिए 21 लाख रूपये से अधिक की अनुदान राशि के चेक वितरित किये और बताया कि इस वर्ष प्रदेश की 433 गौशालाओं को गौ संरक्षण और गौ सवंर्धन के कार्य के लिए 5 करोड़ 42 लाख 84 हजार 500 रूपये की राशि वितरित की गई है। ऐसा पहली बार हुआ है कि गऊओं की संरक्षण के लिए किसी सरकार ने इतनी बड़ी राशि अनुदान के रूप में दी है। उन्होंने कहा कि गऊशाला संचालकों को प्रदेश सरकार द्वारा दी गई राशि के लिए अब किसी अधिकारी के चक्कर नहीं पड़ते अब आयोग के माध्यम से सीधे गऊशाला प्रबंधन को अनुदान दिया जाता है।

























