करनाल – जनता समझदार निर्णय का इंतजार

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करनाल – हरियाणा में करनाल लोकसभा की चर्चा सबसे ज्यादा हो रही है क्योंकि यहाँ लोकसभा के साथ विधानसभा का चुनाव भी हो रहा है l एक तरफ मुख्यमंत्री का चुनाव तो दूसरी तरफ सांसद का चुनाव होने जा रहा है l करनाल सीट पर मोदी के बाद आने वाले बड़े नेता अमित शाह और राजनाथ सिंह करनाल में अपनी रैलियां कर चुके हैं l बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी करनाल में प्रबुद्ध नागरिक सम्मेलन में दोनों प्रत्याशियों नायब सैनी और मनोहर लाल के लिए वोट की अपील करने पहुंचे थे l इस सीट पर सारे देश की नज़र बनी हुई है क्योंकि यह सीट हरियाणा की हॉटसीट बन चुकी है l घरौंडा रैली में खुद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कह चुके हैं कि मनोहर लाल को केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी है और संगठन में वो बचपन से ही कार्य कर रहे हैं l आम जनता में यह धारणा बनी हुई है कि मोदी के ही हाथ में देश सुरक्षित है l

नायब सैनी पूरे राज्य में जनसभाएं कर रहे हैं लोगों से मिल रहे हैं डोर टू डोर प्रचार में अपनी डबल इंजन के सरकार द्वारा किये गए विकास के कामों की बातें कर रहे हैं l इसी तरह पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी गांव दर गांव अपने चुनाव प्रचार में लगे हुए हैं  दोनों अपनी पार्टी के शासनकाल में बिना पर्ची खर्ची के नौकरियों की बात कर रहे हैं l मोदी के द्वारा किये गए विकास कार्यों का गुणगान और दुनिया में अपने देश के बढ़ते सम्मान का जिक्र सब जगह करना नहीं भूलते l उधर कांग्रेस प्रत्याशी सरदार तिरलोचन सिंह और  दिव्यांशु बुद्धिराजा अपने चुनाव प्रचार में बीजेपी के शासन के दौरान हुई कमियों का जिक्र करते नहीं थक रहे कहीं महंगाई की बात तो कहीं बेरोजगरी की बात  l दोनों चुनावों में ही बीजेपी का मुकाबला कांग्रेस से है l

कांग्रेस भी अपना पूरा दम ख़म लगा रही है लोगों में इस बात को लेकर चर्चा हो रही है कि कांग्रेस के स्थानीय नेता कुलदीप शर्मा नये प्रत्याशी दिव्यांशु बुद्धिराजा के चुनाव प्रचार में कहीं नज़र नहीं आये l  कांग्रेस का अलग अलग गुट में रहना भी आम आदमी देख रहा है जबकि बीजेपी एक कैडर बेस पार्टी है जो अनुशासित तरीके से मोर्चा संभाले हुए है l हालाँकि दस साल के कुछ गिले शिकवे भी नज़र आ रहे हैं  , पर बीजेपी उन लोगों को मनाने में कामयाब भी हुई है l आज चुनाव प्रचार थमने के बाद मतदान का एक ही दिन शेष रह गया है l शनिवार को प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला ईवीएम मशीनों में बंद हो जायेगा और 4 जून को किसके भाग्य का फैसला होगा , यह नतीजे के बाद ही पता चलेगा l
यहाँ दोनो लोकसभा और विधानसभा के चुनाव के कारण सबकी निगाह बनी हुई है क्योंकि 4 जून को  यहाँ की सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी के पिछले दस सालों की परीक्षा का रिजल्ट भी आने वाला है l