करनाल- छात्र पर टोल कर्मियों का हमला, लहूलुहान हालत में पीजीआई रेफर

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करनाल- यहां NH 709A प्योंत स्थित करनाल–असंध टोल प्लाज़ा पर एक बीटेक के निहत्थे छात्र को हथियारों से लैस टोल टैक्स कर्मचारियों ने 26 मई 2026 की रात बेरहमी से पीटकर लहूलुहान करने का मामला किसी ने सोशल ग्रुप में डालकर इसकी जानकारी दी है l  बताया गया है कि लोगों ने बड़ी मुश्किल से छात्र की जान बचाई। गंभीर हालत में उपलना गांव निवासी योगराज को करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज लाया गया लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उसे देर रात पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। छात्र की हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और टोल पर बचाव में आई भीड़ ने दो टोल कर्मियों को उनके हवाले कर दिया अन्य मौके से फरार हो गए। टोल टैक्स पर जानलेवा हमला किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि टोल प्लाज़ा पर तैनात लगभग 10 कर्मचारियों ने छात्र को घेरकर ईंटों, सरियों, थप्पड़ों और मुक्कों से बेरहमी से पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हो गया। सारा मामला सीसीटीवी में कैद हो गया है
घटना के समय वाहन गांव कत्लाहेड़ी निवासी अशोक चला रहे थे। उक्त वाहन टोल टैक्स एक्सेम्प्टेड श्रेणी में आता था, बिना वर्दी और नेम प्लेट के खड़े युवकों ने मात्र दस सेकेंड में ही क्रॉसिंग को लेकर विवाद शुरू कर दिया और मारपीट की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मामूली कहासुनी के बाद टोल कर्मी अचानक आक्रामक हो गए और छात्र पर हमला बोल दिया।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हमला करने वाले कई कर्मचारी बिना वर्दी और बिना नेम प्लेट के ड्यूटी कर रहे थे, जिससे उनकी पहचान तक स्पष्ट नहीं हो पा रही थी। लोगों का कहना है कि यदि टोल प्लाज़ा पर नियमों के अनुसार वर्दी और पहचान पत्र अनिवार्य होते हुए भी कर्मचारियों ने इन्हें नहीं पहना था, तो यह सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी दोनों पर सवाल खड़े करता है।
हमले के दौरान छात्र को जमीन पर गिराकर लगातार पीटा गया।  टोल कर्मचारियों ने ईंटों और लोहे जैसी वस्तुओं का भी इस्तेमाल किया। मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह बीच-बचाव कर घायल छात्र को छुड़वाया। गंभीर हालत में उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार युवक के शरीर पर कई जगह गहरी चोटें आई हैं।
घटना के बाद स्थानीय लोगों और राहगीरों में भारी रोष देखने को मिला। लोगों का कहना है कि टोल प्लाज़ा पर आए दिन कर्मचारियों द्वारा अभद्र व्यवहार और दबंगई की शिकायतें सामने आती रहती हैं, लेकिन कार्रवाई न होने के कारण कर्मचारियों के हौसले बुलंद हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि टोल कर्मी नियम लागू करने के बजाय “गुंडागर्दी” पर उतर आए हैं और आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है।
पीड़ित परिवार ने मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही National Highways Authority of India (NHAI), जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई गई है। लोगों ने यह भी मांग की है कि टोल प्लाज़ा पर तैनात सभी कर्मचारियों की पहचान सार्वजनिक की जाए तथा बिना वर्दी और बिना नेम प्लेट ड्यूटी करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई हो।
घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं। गौरतलब है कि प्योंत, कत्लाहेड़ी, गुल्लरपुर समेत कई गांव स्थानीय टोल फ्री श्रेणी में आते हैं ।
पीड़ितों ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी से कंपनी का टेंडर तत्काल रद्द करने की मांग की है ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावर्तित न हो और पुलिस से सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ़्तार कर सख्त कार्रवाई की मांग की है ।मारपीट की सीसीटीवी जिसमें मारपीट करने के लिए करीब दस कर्मचारी गाड़ी की तरफ दौड़ रहे हैं। MLR Report के अनुसार सिर और आंखों पर भारी और तेजधार हथियारों से हमला किया गया है l