करनाल – विजिलेंस टीम को आज डीटीपी विक्रम का 5 दिन का रिमांड मिला है l डीटीपी को ड्यूटी मजिस्ट्रेट पवनदीप कौर की कोर्ट में पेश किया गया l जहां से विजिलेंस टीम को डीटीपी का तीसरी बार रिमांड मिला है ,इससे ये साफ नज़र आता है कि काफी बड़े बड़े खुलासे होने बाकि हैं l करनाल में चल रहे रिश्वत के खेल में आए दिन बड़े बड़े खुलासे हो रहे हैं l विजिलेंस की टीम ने इस मामले में डीटीपी विक्रम सिंह के रिमांड के दौरान खुलासे के बाद तहसीलदार राज बख्श को गिरफ्तार किया है l विजिलेंस टीम ने 16 मार्च को 1 दिन के रिमांड के बाद दोबारा तहसीलदार को कोर्ट में पेश कर पांच दिन का रिमांड हासिल किया है।
इससे पहले विजिलेंस की टीम ने डीटीपी विक्रम सिंह और तहसीलदार को कोर्ट में पेश कर डीटीपी विक्रम सिंह का 3 दिन का और तहसीलदार राजबक्श का 1 दिन का रिमांड लिया है l इससे पहले रिमांड के दौरान डीटीपी ने तहसीलदार से साढ़े 14 लाख रुपये एनओसी के नाम पर देने की बात का बयान दिया है, जिस आधार पर तहसीलदार को गिरफ्तार कर लिया गया था l
हरियाणा स्टेट विजिलेंस की टीम ने 11 मार्च को डीटीपी विक्रम को सेक्टर-6 स्थित उसके घर से पांच लाख रुपये की रिश्वत के साथ रंगे हाथों पकड़ा था। इस दौरान उसके ड्राइवर बलबीर को भी पांच हजार रुपये की रिश्वत के साथ पकड़ा गया था। इस दौरान डीटीपी के घर से 78.64 लाख रुपये भी बरामद किए गए थे। दोनों आरोपियों को 12 मार्च को कोर्ट में पेश कर विजिलेंस की टीम ने तीन दिन के रिमांड पर लिया। 14 मार्च को विजिलेंस ने तहसीलदार राजबख्श को गिरफ्तार किया था। 15 मार्च को तहसीलदार राजबख्श व डीटीपी विक्रम को कोर्ट में पेश किया गया। वहां से तहसीलदार को एक दिन और डीटीपी को दोबारा तीन दिन के रिमांड पर भेजा गया था।
अब तक की जांच में सामने आया है कि तहसीलदार राजबक्श व डीटीपी विक्रम सिंह मिलकर अवैध कॉलोनियों को सीएम सिटी में बसाने का गिरोह चला रहे थे। दोनों अधिकारी मुंह मांगी रिश्वत लेकर पैसा इकट्ठा कर रहे थे। सूत्रों के अनुसार डीटीपी विक्रम के घर से विजिलेंस की टीम को एक डायरी बरामद हुई है जिसमें बड़े अधिकारियों, रसूखदारों व कई कर्मचारियों और कॉलोनाइजरों के भी नाम हैं।
























