नैनीताल -बलियानाले के भूजल स्रोत से पूरी हो नैनीताल में पेयजल आपूर्ति -जिलाधिकारी

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रिपोर्ट – कान्ता पाल /नैनीताल -आईआईटी रुड़की और जायका द्वारा जियो फिजिकल सर्वे रिपोर्ट में बताया गया है कि जीजीआईसी से सिपाही धारा तक लगभग 200 मीटर की लंबाई में पानी का भूमिगत स्रोत है, जिससे बलियानाला में प्रतिदिन लगभग 8 एमएलडी पानी (निकल रहा) रिस रहा  रहा है। जायका और आईआईटी रुड़की द्वारा दिये गये सर्वे आधारित सुझाव पर जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने चिन्हित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर पानी लिफ्टिंग को गठित कमेटी के सदस्यों को जल्द पानी की उपलब्धता जानने के लिए दो से तीन स्थानों पर बोरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ज्योलोजिस्ट्स के जो भी सुझाव होंगे, उन पर अमल किया जायेगा।

जिलाधिकारी ने मौके पर अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा इस परियोजना पर जल्द से जल्द काम शुरू किया जाए ताकि भूमिगत पानी से नगर में पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके साथ ही लगातार बलियानाले में हो रहे धसाव को रोका जा सके।इसके साथ ही डीएम ने कहा कि जीआईसी स्कूल से जीजीआईसी स्कूल के बीच दो से तीन स्थानों पर बोरिंग की जाएगी, जिसके बाद पानी की पर्याप्तता को देखते हुए उसे लिफ्ट करने की योजना तैयार की जाएगी। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि सुरक्षात्मक दृष्टि से जिन स्थानों पर रिटेनिंग वाॅल की आवश्यकता हो, उन स्थानों पर रिटेनिंग वाॅल बनायी जाये। उन्होंने कहा कि यदि बोरिंग टेंस्टिंग सफल रहा और हम 2 एमएलडी पानी प्राप्त करने में भी सफलता प्राप्त कर लेते हैं तो इस पानी को तल्लीताल व एरीज़ क्षेत्र तक पहुॅचाया जायेगा। श्री गर्ब्याल ने कहा कि पानी की उपलब्धता अधिक होने पर शहर कि विभिन्न क्षेत्रों को पानी उपलब्ध कराया जायेगा। जिलाधिकारी ने कहा कि बोरिंग की सफलता के आधार पर यदि आवश्यकता पड़ी तो जीजीआईसी व जीआईसी के साथ ही धर्मशाला तक भी जगह-जगह सर्वे कराये जायेंगे।
उन्होंने बताया कि नैनीताल शहर को प्रतिदिन 8 एमएलडी पानी की आवश्यकता होती है जबकि लगभग इतना ही पानी बलियानाला क्षेत्र से निकल रहा है। उन्होंने कहा कि यदि हम भूमिगत पानी को टेप करने में सफल रहे तो इससे नगर में पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जायेगी साथ ही लगातार बलियानाले में हो रहे धसाव को रोकने में भी मदद मिलेगी।