नैनीताल-अब घर बैठे “उत्तराखंड पुलिस एप्प” से प्राप्त होगी ऑनलाइन सुविधाएं

0
91

रिपोर्ट -कांता पाल /नैनीताल-प्रदेश में आम जन की सुविधा व ऑनलाइन रिपोर्टिंग को और अधिक सहज बनाने के लिए उत्तराखंड पुलिस द्वारा शुरू की गयी ई-एफआईआर (e-FIR) सुविधा और “उत्तराखण्ड पुलिस एप्प” का माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा विधिवत उदघाटन किया जा चुका है। अब घर बैठे ही वाहन चोरी और गुमशुदा वस्तुओं के संबंध में ई-एफआईआर दर्ज कराई जा सकेगी। “उत्तराखंड पुलिस एप्प” में उत्तराखंड पुलिस द्वारा आम-जनता के लिये संचालित की जा रही सभी निम्न ऑनलाईन एप्प की सुविधाओं का एक साथ एकीकरण किया गया है-
·       गौरा शक्ति (महिलाओं की सुरक्षा हेतु)
·       ट्रैफिक आई (यातायात नियमों के उल्लंघन की जानकारी देने हेतु)
·       मेरी यात्रा (उत्तराखंड चार धाम और पर्यटन से संबंधित जानकारी हेतु)
·       नशा मुक्त उत्तराखंड (नशे से बचाव व उससे संबंधित जानकारी)
·       साइबर शिकायत(ऑनलाइन धोखाधडी आदि)
·       सत्यापन ( चरित्र, किरायेदार आदि )
·       महत्वपूर्ण फोन नम्बर
·      पुलिस स्टेशन
·      सोशल मीडिया
·      सीनियर सिटीजन पोर्टल
·      खोयी सम्पत्ति
·      पुलिस सिटीजन पोर्टल
·      कानूनी अधिकार
·      ट्रैक योर कंप्लेंट
·      ई- एफआईआर की सुविधा
Ø ई- एफआईआर  उत्तराखंड पुलिस की एक नागरिक केन्द्रित ऑनलाईन सेवा है जहाँ एक नागरिक  वेब पोर्टल (नागरिक पोर्टल) या आगामी मोबाइल एप ( जल्द ही लॉन्च होने वाली देवभूमि 2.0) का उपयोग करके इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रथम सूचना रिपोर्ट ( एफआईआर) दर्ज कर सकते है
Ø एक बार उत्तराखंड नागरिक पोर्टल के साथ एक ई- एफआईआर ऑनलाइन दर्ज होने के बाद, ऑनलाइन पोर्टल नागरिकों को ई- एफआईआर की स्थिति ट्रैक रखने, प्रतियाँ देखने , डाउनलोड करने और प्रथम सूचना रिपोर्ट की डिजिटल कॉपी प्रिंट करने में  मदद करने के लिए अतिरिक्त सुविधा प्रदान करता है।
Ø ई-एफआईआर अनुरोध दर्ज करने के बाद , अनुरोध ई- पुलिस स्टेशन पर आता है ई- पुलिस स्टेशन अधिकारी आवेदक द्वारा भरी गयी समस्त सूचनाओं का सत्यापन करता है यदि सभी जानकारी सही और पूर्ण पायी जाती है तो ई- पुलिस स्टेशन अधिकारी सम्बन्धित पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज करता है । एक बार पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज होने के बाद , नागरिक अपनी ई- एफआईआर की वर्तमान स्थिति को ट्रैक कर सकते है। पोर्टल से एफआईआर की कॉपी डाउनलोड कर सकते है।
Ø यदि कोई जानकारी गलत या अधूरी है, तो ई-एफआईआर अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाता है।
अब इन सभी एप्प की सुविधाएं एक ही जगह उत्तराखंड पुलिस एप्प पर मिलेंगी। उत्तराखण्ड पुलिस एप्प में इमरजेंसी नम्बर डायल 112 व साइबर फ्रॉड की शिकायत दर्ज करने हेतु साइबर हैल्प लाईन नम्बर 1930 को भी जोडा गया।
पुलिस उपमहानिरीक्षक कुमाऊं परिक्षेत्र नैनीताल डॉ. नीलेश आनन्द भरणें द्वारा आम जनमानस से अनुरोध किया गया कि उक्त एप( उत्तराखंड पुलिस वन एप) जो कि समस्त  एंड्रॉयड फोनों के प्ले स्टोर पर उपलब्ध है ,को अधिक से अधिक डाउनलोड कर ई- सुविधा का लाभ प्राप्त करें।