कान्तापाल – नथुवाखान,नैनीताल – प्रदेश में मानसून की बेरूखी के चलते एक बार फिर कुमाऊं के पहाड़ी क्षेत्रो के किसानो के सामने सुखे की समस्या पैदा होने लगी है। जिससे किसानो के सामने खेतो मे बोई गई फसल की लागत तक मिलनी मुशकिल हो रही है। सुखे के हालात के चलते कुमाऊं के पांचों पहाड़ी जिलो नैनीताल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चंपावत में सूखे के हालात है।
यही हाल नैनीताल के रामगढ गाॅव का है जो पहाडी सब्जियों के साथ साथ फलो के लिए मशहूर है, लेकिन इस बार मौसम की बेरूखी के चलते रामगढ, नथुवाखान, और धानचुली तक के क्षेत्र में सुखे के हालात पैदा हो गए है,जिससे किसानो के सामने आजीविका का संकट पैदा हो गया है, किसानो का कहना है कि यह मौसम मटर, आलू समेंत प्याज के लिए सबसे ज्यादा फायदे मंद है, जिसको देखकर उन्होंने खेतो में फसल लगाई मगर सुखे के चलते उनकी पूरी मेहनत खेतों में ही बर्बाद हो गई है जिससे किसान के सामने संकट के बादल छा गए है।
नरेन्द्र सिह, कास्तकार ने बताया कि सूखे के चलते आने वाले समय में सेब,आडू,खुमानी, पुलम समेंत पहाड़ी फलो की खेती पर भी संकट के बादल मंडरा रहे है. पहाडो मे पैदा हो रहे सुखे के हालात को देखकर अब किसानो को उनकी लगात वापस मिलने की भी चिन्ता सता रही है, किसानो का कहना है सरकार के द्वारा अब तक पिछला मुआवजा ही नही दिया गया है तो सरकार अब उनके लिए क्या करेगी इस लिए उनका सरकार से भी भरोषा उठ चुका है।

























