कानपुर – कानपुर के एसपी सुरेंद्र कुमार दास ने जहर खाकर की खुदकुशी की कोशिश , हालत गंभीर

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रिपोर्ट – नसीम अहमद /कानपुर – कानपुर के एसपी पूर्वी सुरेंद्र कुमार दास 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी है सूत्र बताते हैं कि वो काफी समय से  तनाव में थे और इसकी वजह पारिवारिक कलह भी हो सकती है जिसके चलते उन्होंने यह खतरनाक कदम उठाया है l  घटना को लेकर पूरे महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। प्रभारी एसपी संजीव सुमन का कहना है कि फिलहाल आईपीएस अधिकारी सुरेंद्र दास की हालत काफी नाजुक है।
उधर, मामले में रीजेंसी हास्पिटल के चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट राजेश अग्रवाल ने बयान जारी करते हुए कहा है कि एसपी सुरेंद्र दास को वेंटिलेटर पर रखा गया है। सुबह जब उनको लाया गया था तो उसी समय से उनकी पल्स नहीं मिल रही थी। कहा कि उनकी हालत काफी नाजुक है और अगले कुछ घंटे उनके लिए काफी महत्वपूर्ण हैं। रीजेंसी हॉस्पिटल के चीफ मेडिकल सुपरिंटेंडेंट राजेश अग्रवाल ने कहा है कि एसपी सुरेंद्र दास को वेंटिलेटर पर रखा गया है। उनकी हालत अभी भी बेहद नाजुक है। अगले कुछ घंटे काफी अहम हैं। बुधवार शाम 4 बजे दोबारा मेडिकल बुलेटिन जारी किया जाएगा।
इस बीच अस्पताल में कई वरिष्ठ अधिकारी पहुंच चुके हैं। इस बात पर कोई भी आधिकारिक बयान देने को तैयार नहीं है। सुरेंद्र कुमार दास 2014 बैच के आईपीएस हैं। उनका ट्रांसफर बीते महीने ही कानपुर में हुआ था। वह यहां एसपी पूर्वी के पद पर तैनात हैं । उनकी पत्नी कानपुर मेडिकल कॉलेज में ही डॉक्टर हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह यूपी के बलिया के रहने वाले हैं ।
अस्पताल परिसर में मौजूद अधिकारियों ने घटना पर दोपहर को बयान जारी किया। एसपी पश्चिमी संजीव सुमन ने कहा कि सुरेंद्र कुमार दास पारिवारिक कलह से परेशान थे। आशंका है कि उन्होंने उसी से तनाव में आकर ऐसा कदम उठाया हो।
अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन अविनाश चंद्र ने अपने ट्वीट के जरिए जानकारी दी है कि आईपीएस सुरेंद्र कुमार दास का कानपुर के रीजेंसी अस्पताल के आई सी यू में विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा इलाज किया जा रहा है , पहली प्राथमिकता उनकी जान बचाने की है l उनकी हालत काफी गंभीर है l  रीजेंसी अस्पताल के डाक्टरों ने भी अपने मेडिकल बुलेटिन में बताया है कि सुबह 6 बजे से उनका सघन चिकित्सा कक्ष में इलाज चल रहा है l
बता दें, उत्तर प्रदेश के एटीएस हेडक्वॉर्टर में तैनात अपर पुलिस अधीक्षक राजेश साहनी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। हालांकि विभाग के उच्चाधिकारियों का कहना था कि उन्होंने आत्महत्या की थी। उनका शव इसी साल 29 मई को एटीएस के हेडक्वॉर्टर में उनके कमरे में मिला था।