नैतिक मूल्यों को संजोकर रखेगें तभी परिवार सुखी रहेगे – मंत्री कृष्ण कुमार बेदी

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करनाल – हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि जीवन को सुखी बनाने के लिए प्राकृतिक संसाधनों को बचाना जरूरी है। संसाधन के साथ-साथ  नैतिक मूल्यों को संजोकर रखेगें तभी परिवार सुखी रहेगे।
मंत्री कृष्ण बेदी शुक्रवार को स्थानीय सैक्टर 14 स्थित जैन मुनि मंदिर में मनोहर मुनि जी महाराज की 70वीं दीक्षा जंयती समारोह के उपलक्ष्य में चल रहे 8 दिवसीय कार्यक्रम के तहत कैसे जीए सुखी और शान्ति प्रिंय जीवन विषय पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि समाज में नैतिक मूल्यों की कमी के कारण भगवान श्रीकृष्ण की पावन धरा हरियाणा जैसे प्रदेश में बेटियों की संख्या कम होने की वजह से देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पानीपत की ऐतिहासिक भूमि से बेटी बचाव बेटी पढ़ाओं  करने का आह्वान करने तथा सामाजिक मूल्यों के बारे में बताने के लिए आना पडा, जोकि एक चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रदेश हर क्षेत्र में अग्रीण होने के बावजूद भी सर्वे के दौरान उन परिवारों में बेटियों की संख्या कम पाई गई जोकि हर तरह से समृद्ध है। उन्होंने स्वच्छता और पानी बचाव जैसे विषय पर बोलते हुए कहा कि इन संसाधनों को बचाने के लिए भी प्रधानमंत्री को देश की जनता से अपील करनी पड रही है। हमें संसाधनों को बचाने के लिए स्वयं आगे आना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जब से देश व प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी है तभी से प्राकृतिक संसाधानों को बचाने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को संस्कारवान बनाने पर बल दिया जा रहा है। परिवार तभी सुखी रह सकता है, जब अभिभावक अपने बच्चों को नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित करेगें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में हरियाणा सरकार ने संकल्प लिया था कि गऊ माता का रक्त नही बहने देगें और सबसे पहले गऊ संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सरकार ने कठोर कानून बनाया  ।
कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं आरएसएस के अखिल भारतीय परिवार प्रबोधन प्रमुख प्रेम गोयल जी ने श्रद्धालुओं को सीधा संवाद करते हुए कहा कि परिवार सुखी हो कहने में अच्छा लगता है मगर इसे व्यवाहरिकता में लाना थोडा कठिन है, इसके लिए उन्होंने तीन-चार महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर चर्चा करते हुए बताया कि अंहकार मनुष्य के जीवन में एक दीमक की तरह है, इससे बचना चाहिए। घर में श्याम तुलसी, ईष्ठ देवता का चित्र, छोटों से प्यार, बडा को सम्मान दें, मिल जुलकर परिवार के लोग भोजन करें, सब संतों का सम्मान करें, सब ग्रंथों का अध्ययन करें, खाना खाते समय टीवी ना देखे, मोबाईल पर कम से कम बात करें, कभी भी किसी दूसरे के सामने बच्चों की कमजोरी ना लाए उसके गुणों की चर्चा करें अगर ऐसा करेगे तो परिवार सुखी होगा, जीवन सुखी बनेगा। परिवार अच्छा होगा, तो समाज अच्छा बनेगा तो देश अच्छा होगा और फिर से भारत विश्व गुरू बन सकेगा।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में पीयुष मुनि जी महाराज ने पवित्र वचनों से अमृत ज्ञान की श्रद्धालुओं पर वर्षा की। इस मौके पर एसडीएम करनाल नरेन्द्र पाल मलिक, जिला कल्याण अधिकारी एसएस फुलिया, समाज कल्याण विभाग के प्रतिनिधि सुरेन्द्र राणा, समाजसेवी कृष्ण गर्ग, सीमा गुप्ता, आकाश भट्ट, एमसी वीर विक्रम, कैलाश गुप्ता ,कार्यक्रम के आयोजक समिति में सुशील जैन, नवीन जैन, राहुल जैन, मोनू गुप्ता सहित काफी संख्या में महिला एवं पुरूष उपस्थित रहें।