पानीपत -खेल खेल में ली सहकर्मियों ने साथी मजदूर की जान

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रिपोर्ट -प्रवीण भारद्वाज /पानीपत -16 वर्षीय छात्र कुणाल की मौत का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि फिर आज  काबड़ी रोड स्थित 15 वर्षीय युवक की मौत के समाचार ने पानीपत में खलबली मचा दी ,ज्ञात रहे दीपक पुत्र राजेंद्र जोकि काबड़ी रोड भारत नगर का निवासी है l मूल रूप से मिर्जापुर जिला का रहने वाला है ,दीपक रात को  ड्यूटी के लिए फैक्ट्री में गया , जिसकी पेट में कंप्रेशर से हवा भरने से तबीयत बिगड़ गई l परिजनों के आरोप पर पुलिस ने तीन युवकों  को पकड़ा है और पुलिस मामले की जाँच में जुट गई है l

दीपक के पिता राजेंद्र का आरोप है कि फैक्ट्री में उन्हें सूचना मिली थी कि उनके  बच्चे की तबीयत बिगड़ गई ,तो बच्चे को निजी अस्पताल में पहुंचाया गया ,उसके बाद दीपक को मृत घोषित किया गया, जिसका कारण पेट में हवा भर जाना बताया जा रहा है ,परिजनों ने आरोप लगाया है कि यह फैक्ट्री मालिक द्वारा बच्चे की हत्या कराई गई ,बहरहाल सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि बच्चे को कंप्रेशर द्वारा हवा भरी गई ,जिससे उसकी तबीयत बिगड़ जाने के बाद मौत हो गई, इस मामले में परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर तीन साथी कर्मियों को पुलिस ने काबू कर जाँच शुरू की है l

वही सारे मामले पर फैक्ट्री मालिक मीडिया के सामने कोई जवाब नहीं दे पा रहा  और दूसरी तरफ जब फैक्ट्री मालिक से पूछा गया तो उन्होंने सारे मामले से इनकार कर दिया l जब फैक्ट्री मालिक से इसके बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह उनकी फैक्ट्री में काम नहीं करता था l  लेकिन बड़ा सवाल यह है जब दीपक उनकी फैक्ट्री में काम नहीं कर रहा तो वहां पर हादसा पेश क्यों आया l  दूसरी तरफ परिजनों का कहना है कि  दीपक फैक्ट्री में पिछले काफी महीनों से काम कर रहा था l  वहीं बड़ी बात यह सामने निकल कर आ रही है कि नाबालिग बच्चा पिछले लंबे समय से फैक्ट्री में काम कर रहा था जो कि कानूनन अपराध है, उसके बावजूद फैक्ट्री मालिक धड़ल्ले से नाबालिग बच्चों से काम करवा रहे हैं।

सुनील कुमार ,थाना प्रभारी मॉडल टाउन ने बताया ,पुलिस द्वारा 3 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है कि यह पूरा मामला क्या है l बहरहाल पुलिस के बयान अनुसार जाँच के बाद सभी तथ्य खुल पाएंगे, लेकिन इसके बावजूद नाबालिग बच्चों से काम करवाने व इस तरह की घटनाओं पर रोक कैसे लगेगी और सरकार द्वारा बनाए गए श्रम कानूनों का उल्लंघन लगातार फैक्ट्री मालिकों  द्वारा किया जा रहा है उन पर नकेल कैसे कसी जाए यह अपने आप में बड़ा सवाल है l