करनाल -केसीजीएमसी में 10 टन क्षमता का एक नया ऑक्सीजन स्टोरेज टैंक बनाया जायेगा  : शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर

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करनाल -हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने कहा कि कोविड को हराने तथा भविष्य की जरूरतों को देखते हुए प्रदेश सरकार मौजूदा संसाधनों में इजाफा कर रही है, इसके तहत करनाल के केसीजीएमसी में 10 टन क्षमता का एक नया ऑक्सीजन स्टोरेज बनाया जा रहा है, अब ऑक्सीजन की क्षमता 20 टन हो जाएगी। इसके अतिरिक्त एग्रो इंडिया नाम की एक संस्था करनाल में 15 टन का ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट लगाना चाहती है। इन उपायों से भविष्य में इस जिला में ऑक्सीजन की भरपूर उपलब्धता हो जाएगी।
शिक्षा मंत्री सोमवार को लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित जिला परामर्शदात्री समिति की बैठक में सरकार की ओर से भिन्न-भिन्न जिलों के लिए बनाए गए प्रभारी के तौर पर बोल रहे थे। बैठक की अध्यक्षता सांसद संजय भाटिया ने की। बैठक में घरौंडा के विधायक हरविन्द्र कल्याण, इंद्री के विधायक रामकुमार कश्यप, नीलोखेड़ी के विधायक धर्मपाल गोंदर, पूर्व विधायक बख्शीश सिंह व भगवानदास कबीरपंथी, भाजपा जिलाध्यक्ष योगेन्द्र राणा, उपायुक्त निशांत कुमार यादव, पुलिस अधीक्षक गंगाराम पुनिया तथा मेयर रेनू बाला गुप्ता भी शामिल रही।
बैठक में शिक्षा मंत्री ने कहा कि देश और प्रदेश कोरोना के चलते मुश्किल हालात से गुजर रहा है, इसे देखते सरकार उपलब्ध संसाधन बढ़ाने के साथ-साथ हर तरह के इंतजाम मुहैया करवाने के लिए दिन रात लगी है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य, पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ता व एनजीओ सभी मिलकर कोरोना के खिलाफ लड़ाई जीतने के लिए सहयोगरत हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और समाज मिलकर काम करें तो मुश्किल से मुश्किल वक्त का सामना किया जा सकता है और समाज के लोगों के सम्मिलित होने से उसके परिणाम भी अच्छे मिलते हैं क्योंकि वे सेवाभाव से काम करते हैं।
मीटिंग में उन्होंने करनाल जिला में कोरोना से प्रभावित लोगों के इलाज के लिए प्रशासन की ओर से किए जा रहे प्रबंधों और परिणामों की समीक्षा के बाद कहा कि लोगों को सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में कोविड के इलाज के लिए उपलब्ध बैड, ऑक्सीजन, रेमडेसिविर टीका व वेंटिलेटर की रोजाना और अपडेट जानकारी मिलती रहे। इसके लिए प्रचार-प्रसार के सभी साधनों व सोशल मीडिया के जरिए जानकारी बनी रहनी चाहिए। ईलाज के साथ-साथ मरीज की काउंसलिंग करने से भी लाभ होता है, इसके लिए भी प्रयास जारी रखे जाएं। रोजाना कितने लोग अस्पतालों में दाखिल हुए और कितनी रिकवरी हुई, रेमडेसिविर का टीका किस स्टेज पर और कितने दिनों के अंदर लगवाना चाहिए तथा वेंटिलेटर की जरूरत किस मरीज को होती है, इसकी जानकारी भी आम जनता तक पहुंचनी चाहिए। बेहतर होगा कि प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से जारी सूचनाओं में केसीजीएमसी के निदेशक, सिविल सर्जन और आईएम के प्रधान की ओर से भी सूचनाएं दी जाएं।
किसने क्या परामर्श दिया?

बैठक में सांसद संजय भाटिया ने बताया कि मौजूदा हालात में सहयोग के लिए पार्टी और संगठन मिलकर प्रशासन के साथ कोर्डिनेशन से कार्य रहे हैं। अलग-अलग कार्यकर्ता सरकारी और निजी अस्पतालों में बैड, ऑक्सीजन व रेमडेसिविर की उपलब्धता की जानकारी रखने के साथ-साथ कोविड मरीजों को समय पर और सही ईलाज मिले, इसकी सहायता कर रहे हैं।

घरौंडा के विधायक हरविन्द्र कल्याण ने सलाह दी कि कोरोना की पहली लहर में शहर व गांवों में सैनिटाईजर स्प्रे करने का अभियान चला था, यदि शहर की तरह गांव में भी इसको चलाया जाए तो इससे फायदा मिलेगा। इस पर डीसी निशांत कुमार यादव ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में नगर निगम सैक्टरों व दूसरे ईलाकों को सैनिटाईज करने में लगा है, अब ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम सचिवों के माध्यम से यह काम करवाया जाएगा। गंभीर मरीज को ईलाज में विलंब न हो इसके लिए घरौंडा में ऑक्सीजन की व्यवस्था की जानी चाहिए। इसके अलावा आपी वैल्टर अस्पताल बसताड़ा में वैंटिलेटर बैडों की संख्या बढ़ाई जाए।

इंद्री के विधायक रामकुमार कश्यप ने कहा कि हल्के के लोग विधायक से अस्पताल में हो रहे कोविड इलाज की जानकारी और सहायता के लिए आते हैं। इस तरह की जानकारी के लिए केसीजीएमसी के निदेशक समय पर कॉल को अटैंड कर लें ताकि लोगों को वास्तविकता से रूबरू करवाया जा सके। गंभीर मरीज को ईलाज में विलंब न हो इसके लिए इंद्री में ऑक्सीजन की व्यवस्था की जानी चाहिए।

नीलोखेड़ी के विधायक धर्मपाल गोंदर ने कहा कि कोरोना की उत्पत्ति कैसे हुई और उसे कैसे रोका जा सकता है, इस बात पर जोर दिया जाना चाहिए। पूर्व विधायक बख्शीश सिंह ने सुझाव दिया कि असंध के गंभीर मरीज को ईलाज में विलंब न हो इसके लिए असंध के अस्पताल में ऑक्सीजन की व्यवस्था की जानी चाहिए। इस पर डीसी ने कहा कि असंध ही नहीं घरौंडा व इंद्री में भी अस्पताल के अंदर ऑक्सीजन की व्यवस्था का सुझाव अच्छा है और यह समय की मांग भी है, इसका इंतजाम शीघ्र ही किया जाएगा। गंभीर मरीज को ईलाज में विलंब न हो इसके लिए नीलोखेड़ी में ऑक्सीजन की व्यवस्था की जानी चाहिए।

बैठक में संगठन के विभाग संपर्क प्रमुख कपिल अत्रेजा और प्रशासन के साथ कोर्डिनेट कर रहे अन्य सदस्यों ने भी सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि सभी अस्पतालों में प्रतिदिन बैडों की उपलब्धता, रोगियों की संख्या और रेट सार्वजनिक रहने चाहिए ताकि जनता को सही जानकारी मिलती रहे। इस पर डीसी ने बताया कि सभी निजी अस्पतालों में कोविड ईलाज के लिए निर्धारित रेट डिस्पले करवाए गए हैं।
जिला कोविड प्रबंधन की प्रैजेंटेशन के साथ डीसी ने दी ताजा जानकारी
बैठक में डीसी ने बताया कि अब तक कुल 28 हजार कोरोना पॉजिटिव केसों में से 22 हजार यानि 77 प्रतिशत रिकवर हो चुके हैं। अब तक 274 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है और 6 हजार एक्टिव केस हैं। गत तीन महीनों में केसों की संख्या बढ़ी है, जिनमें से फरवरी से अब तक 17 हजार केस आए और 131 लोगों की मृत्यु हुई, इससे रिकवरी रेट भी कम हुआ। मरने वालों में 21 से 30 वर्ष और 31 से 40 वर्ष के बीच के ज्यादा केस थे, 45 से ऊपर के व्यक्तियों की कोरोना से कम मृत्यु होने का कारण वैक्सीनेशन की पहली डोज लेना है। पहली डोज 1 लाख 84 हजार लोगों को लगी है, जबकि 4 लाख को लगानी है। इसी प्रकार 18 प्लस के 6 लाख लोगों के लिए भी वैक्सीनेशन लगेगी, ऐसी 1 हजार डोज लगाई जा चुकी हैं, अगले तीन-चार दिन में 17 हजार लगाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि फूसगढ़ के सामुदायिक केन्द्र में 250 बैड का कोविड केयर सैंटर बनाया गया था अब इसे कोविड अस्पताल में तब्दील करने जा रहे हैं। बैडों की स्थिति के बारे में उन्होंने बताया कि जिला में 448 ऑक्सीजन युक्त बैड में इनमें से 419 भरे हुए हैं। जबकि आईसीयू के भी 219 बैड मरीजों से भरे हैं। करनाल के केसीजीएमसी में प्रदेश का सबसे बड़ा आईसीयू सैंटर है। शीघ्र ही मेडिकल कॉलेज के लिए 20 मॉनिटर उपलब्ध हो जाएंगे। केसीजीएमसी में ही 10 हजा क्षमता का नया टैंक अगले एक-दो दिन में आ जाएगा। उन्होंने एक अच्छी खबर दी कि 75 लाख रुपये की लागत से 500 ऑक्सीजन सिलेंडर खरीदे जाएंगे इसमें शहर की पीस कमेटी और सरकार का सहयोग रहेगा तथा इस सुविधा से केसीजीएमसी में 200 अतिरिक्त बैड बढ़ाए जा सकेंगे। इसके अतिरिक्त शहर के सिविल अस्पताल में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित करने पर काम चल रहा है, यह अगले एक से दो माह में पूरा हो जाएगा। करनाल का ऑक्सीजन कोटा 10 से 12 टन हो गया है। वैंटिलेटर 125 हैं जबकि मात्र 15 रोगी ही वैंटिलेटर पर हैं।
कंसलटेटिव कमेटी की बैठक में एडीआर सैंटर की सीजेएम जसबीर, एसीयूटी नीरज कादियान, मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि संजय बठला, केसीजीएमसी के निदेशक डा. जगदीश दुरेजा, सिविल सर्जन डा. योगेश शर्मा, आईएमए के प्रधान डा. केबी जैन, पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक सुखीजा, भाजपा नेता प्रवीण लाठर, सेवा भारती के प्रांतीय अध्यक्ष सतीश चावला, संगठन के जिला प्रचारक महेन्द्र सिंह नरवाल, डा. अशोक, विनीत खेड़ा, दिनेश गर्ग, राकेश कुमार, राजेश लाम्बा, दिनेश कुमार, राहुल, रवि अत्री, गुरदीप राणा व कैलाश चौहान भी मौजूद रहे।