नैनीताल  – हाईकोर्ट में फाँसी की सजा बरकरार

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रिपोर्ट – कान्ता पाल/नैनीताल -नैनीताल हाईकोर्ट की खंडपीठ ने देहरादून में 10 साल की बच्ची से दुष्कर्म कर हत्या करने के दोषी को पॉक्सो कोर्ट की ओर से दी गयी फांसी की सज़ा को बरकरार रखा है। मामले की सुनवाई न्यायाधीश आलोक सिंह व रवींद्र मैठाणी की खंडपीठ में हुई। आरोपी जय प्रकाश के खिलाफ धारा 302, 201, 376, 377 में मुकदमा दर्ज है।

मामले के अनुसार 28 जुलाई, 2018 को थाना सहसपुर क्षेत्र में एक निजी कॉलेज के निर्माणाधीन भवन में जय प्रकाश मज़दूरी का काम कर रहा था। उसने साथ ही काम करने वाले एक मज़दूर की 10 साल की मासूम को चीज लेने के लिए 10 रुपये देने के बहाने अपनी झोपडी में में ले गया और बलात्कार करने के बाद मासूम की गला घोटकर हत्या कर दी। इसके बाद जयप्रकाश ने शव को ठिकाने लगाने के लिए कमरे के नीचे गड्ढा खोदकर पत्थरों और सीमेंट के बोरों से ढक दिया. जब देर शाम तक बच्ची घर नहीं पहुंची तो माता-पिता ने पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने तफ़्तीश के बाद जयप्रकाश की झोपडी से बच्ची का शव बरामद करने के बाद आरोपी को गिरफ़्तार किया जिसे पॉक्सो अदालत में पेश किया गया, पास्को कोर्ट ने फांसी की सज़ा सुनाई गई थी। जिस पर आरोपी जय प्रकाश द्वारा फाँसी की सजा माफ किये जाने हेतु उच्च न्यायालय में 2019 में याचिका दायर की गई। जिसमें आज न्यायमूर्ति श्री आलोक सिंह व न्यायमूर्ति श्री रवींद्र मैठाणी की खंडपीठ में सुनवाई हुई निचली अदालत के फैसले की फाँसी की सजा बरकरार रखी रखा है।